बुधवार, 22 जुलाई 2020

विश्व का सबसे बडा मंदिर भारत मे नही इस देश मे है जानिए इस मंदिर के बारे मे ( BIGGEST TEMPLE IN THE WORLD NOT IN INDIA/BHARAT ) - UHP


विश्व का सबसे बडा मंदिर कौन-सा है और कहाँ है ?





विश्व का सबसे बडा मंदिर कहाँ है ? (Where is World's Largest Temple)


विश्व का सबसे बडा मंदिर भारत मे नही है यह मंदिर भारत के बाहर है और इस मंदिर को 12वी शताब्दी मे निर्माण कराया गया था और यह मंदिर कम्बोडीया मे स्थित है और यह बडा होने के साथ-साथ सुंदर भी है अथवा इसके साथ-साथ यह एक विश्व धरोहर भी है। मंदिर का नाम "अंग्कोर वट(ANGKOR WAT)" है और कम्बोडिया(COMBODIA) देश के ध्वज के मध्य मे इस मंदिर को दर्शाया गया है अथवा इस मंदिर का चित्र ध्वज पर दर्शाया गया है। अंग्कोर वट मंदिर लगभग 402 ऐकड मे फैला हुआ है और इसके परिसर मे लगभग 1 हजार मंदिर है,अंग्कोर वट मंदिर वर्तमान समय मे बौद्ध धर्म को समर्पित है यह पहले एक हिंदु मंदिर था हम आपको इसके बारे मे आगे-आगे बताएंगे |




अंग्कोर वट मंदिर का प्राचीन इतिहास ( Ancient History Of ANGKOR WAT Temple


अंग्कोर वट मंदिर कम्बोडिया के सियाम्रेब के पास अंग्कोर मे स्थित है। अंग्कोर वट मंदिर को 12वी शताब्दी मे राजा सुर्यवर्मन द्वितीय द्वारा बनाया गया था उनका शासनकाल सन 1113-1150 तक था। अंग्कोर नगर यह शाही लोगो का केंद्र था जिसपर खमेर के राजाओ के एक राजवंश ने राज्य किया जो की इतिहास मे सबसे समृद्ध,परिष्कृत और सबसे बडे राज्यो मे से एक था। 9वी शताब्दी के अंत और 13वी शताब्दी के आरम्भ मे कई निर्माणकार्य और परियोजनाए की गई थी जिनमे से एक का उल्लेख अंग्कोर वट का किया गया था राजा सुर्यवर्मन द्वितीय ने इस विशाल मंदिर का निर्माण कराया तथा इसमे उनके अवशेषो को भी जमा किया जाना था इस मंदिर का निर्माणकार्य तीन दशक तक चला था। इसके बाद सन 1177 मे चाम लोगो द्वारा जो की आधे भारतीय और आधे चीनी थे उन्होने इस मंदिर को बर्खास्त कर दिया जिसके बाद राजा जयवर्मन ने यह निश्चय कर लिया की हिंदु देवी-देवीताओ द्वारा उन्हे विफल कर दिया गया है और जब उन्होने नई राजधानी अंग्कोर थोम बनाई तब उन्होने अंग्कोर वट मंदिर को बौद्ध धर्म को समर्पित कर दिया जिसके बाद यह एक बौद्ध तीर्थस्थल बन गया और मंदिर मे बनाई गई आकृतियो और नक्काशियो को बौद्ध कला से बदल दिया गया बौद्ध धर्म के पहले मंदिर मे हिंदु धर्म के भगवान शिव,ब्रह्मा और विष्णु की पुजा की जाती थी और मुख्य रुप से उन्हे ही समर्पित था। अंग्कोर वट मंदिर मे पांच स्तंभ थे जो मेरु पर्वत को दर्शाते है जो हिंदु मान्यताओ के अनुसार देवी-देवताओ का निवास है। मंदिर की दिवारे उच्चगुणवत्ता की आधाररहित मुर्तियो/स्तंभ से ढक हुइी है जिसमे हिंदु देवताओ और प्राचीन खमेर दृश्यो की आकृति के साथ-साथ महाभारत और रामायण के दृश्य दर्शाए गए है।

देवताओ की आकृति

भगवान विष्णु के कथा का एक दृश्य की नक्काशी

राजा सुर्यवर्मन द्वितीय की आकृति

कुछ अधिक जानकारी(SOME MORE INFORMATION) :- 15वी शताब्दी मे अंग्कोर को अपने हालपर छोड दिया गया था जहाँ थेरवाड के बौद्ध भिक्षुओ ने अंग्कोर वट मंदिर की देखभाल करने का प्रयास किया लेकिन जल रिसाव और जल जमाव ने परिसर ने इसपर प्रभाव डाला जिसे बाद मे सरकार द्वारा वर्ष 1980 मे इसकी मरम्मत का कार्य आरम्भ किया गया और कुछ वस्तुओ को वापस बनाया गया और वर्ष 2004 मे यह खतरे के संकेत से बाहर माना गया और आज यह एक बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और उनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर मे सम्मिलित किया गया।

अमेरिका (युएस) का सबसे बडा परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र कौन-सा है और कहाँ पर स्थित है ?( WHICH IS THE LARGEST NUCLEAR POWER PLANT OF AMERICA (US) AND WHERE IS IT LOCATED IN HINDI ) - UHP


अमेरिका का सबसे बडा परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र कौन-सा है और कहाँ है ?


palo verde nuclear generating station credit-wikipedia and power-technology.com

अमेरिका के सबसे बडे परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र के बारे (About America's Largest Nuclear Power Plant)


अमेरिका के सबसे बडे परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र का नाम "पालो वर्डे न्युक्लेयर जनरेटिंग स्टेशन(Palo Verde Nuclear Generating Station)" है और यह एरिजोना के टोनोफा(टोनोफा,एरिजोना)(Tonopah,Arizona) मे स्थित है। टोनोफा एरिजोना के पश्चिम के ओर है जिसके कारण यह ऊर्जा सन्यंत्र फिनिक्स शहर से 72 किलोमीटर(42 मील) दूर है। यह ऊर्जा सन्यंत्र विश्व का एकलौता एक परमाणु सन्यंत्र है जो किसी भी बडे जल स्त्रोत से पास नही है यह परमाणू ऊर्जा सन्यंत्र रेतीले क्षेत्र मे स्थित है इसके पास मे सिर्फ गाली नामक नदी है। यह परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र आस-पास के शहर और कस्बो सीवेज ट्रिटेड(SEWAGE TREATED) पानी का उपयोग किया जाता है। पालो वर्डे परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र मे तीन इकाई अथवा युनिट लगाए गए है। इस परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र की कुल क्षमता 3.93 गीगावाट(GW) है और इसका वार्षिक उत्पादन 3.2 करोड मेगावाट-घंटे(32 MILLION MEGAWATT-hours,MWh) की बिजली उत्पादित करता है। इस परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र के मालिक और संचालन सन्युक्त रुप से एरिजोना पावर सर्विस है जिनके पास 29.1 प्रतिशत मालिकाना अधिकार है और इसके अलावा
साल्ट रिवर प्रोजेक्ट(Salt River Project) के पास 17.5%,
एल पासो इलेक्ट्रिक(El Paso Electric) के पास 15.8%,
पब्लिक सर्विस कंपनी ऑफ न्यु मैक्सिको(Public Service Co. Of New Maxico) के पास 10.2%,
साउधर्न कैलिफोर्निया पब्लिक पावर ऑथोरिटी(Southern California Public Power Authority के पास 5.9%,
लॉस एंजिलंस डिपार्टमेंट ऑफ वाटर अ‍ॅण्ड पावर(Los Angles Department Of Water and Power) के पास 5.7% है।

पालो वर्डे न्युक्लेयर जनरेटिंग स्टेशन यह परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र 4000 हजार एकड(Acre) के क्षेत्र मे फैला हुआ है और इसमे कर्मचारियो(Employee) की संख्या 2055 है। यह परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र एरिजोना के 40 लाख घरो को बिजली की आपुर्ति करता है अथवा आस-पास के इलाको का मुख्य स्त्रोत भी यही है।


कुछ अधिक जानकारी(SOME MORE INFORMATION) :- पालो वर्डे न्युक्लेयर जनरेटिंग स्टेशन के लिए यह क्षेत्र बहुत ही विवादास्पद रहा था आलोचको का दावा था की यह क्षेत्र उनकी पहली पसंद नही थी और ऐसा इसलिए था क्योंकी यह क्षेत्र एक रेगिस्तान था,यहाँ पानी आपुर्ति नही के बराबर थी और यहाँ वायु बहुत ही तेह चलती रहती है जिससे यह फिनिक्स और आदि महानगरो को संकट मे डाल देते। इस क्षेत्र को विकल्प के तौरपर चुना गया था इसका कारण यह था की यह किथ तुरले(Keith Turle)(किथ तुरले एरिजोना पावर सर्विस के अध्यक्ष थे) के एक रिश्तेदार के स्वामित्तव मे था। इस परमाणु ऊर्जा सन्यंत्र के तीनो युनिट मे से पहले और दुसरे युनिट को सन 1986 और तीसरे को 1988 से व्यवसायिक तौर पर संचालन किया जाने लगा।

मंगलवार, 21 जुलाई 2020

क्या होता है कर्फ्यु और धारा 144 तथा शूट और साईट किसे कहते है ?( WHAT IS CURFEW AND SECTION 144 AND WHAT IS SHOOT AND SITE IN HINDI) - UHP


कर्फ्यु,धारा 144 किसे कहते है और इसे कब लगाया जाता है तथा शुट अ‍ॅण्ड साइट की आज्ञा कब दी जाती है ?



कर्फ्यु और धारा 144 क्या होती है/ किसे कहते है


कर्फ्यु और धारा 144 दोनो अलग-अलग होते है और हम आपको लॉकडाउन के बारे मे भी बताएंगे। कर्फ्यु, धारा 144 और लॉकडाउन से बहुत अलग है और इसमे बहुत से अधिकार पुलिस-प्रशासन को प्राप्त होते है और इसकी कुछ विशेष बाते भी है। हम आपको शुट और साइट के बारे मे भी बताएंगे और यह भी बताएंगे की इसका उपयोग कब किया जाता है। हमने नीचे एक तालिका निर्माण की है जिसमे कर्फ्यु,धारा 144 तथा लॉकडाउन के बारे मे बताया गया है और इन तीनो मे क्या अंतर है यह भी स्पष्ट किया गया है।

लॉकडाउन,धारा 144 और कर्फ्यु की तालिका :-


लॉकडाउन

धारा 144

कर्फ्यु

लॉकडाउन यह परिस्थितिओ को ध्यान मे रखकर लगाया जाता है जैसे कि कोई प्राकृतिक आपदा आनेपर या बिमारीयो को फैलने से रोकने के लिए होता है।

धारा 144 यह तब लगाई जाती है जब किसी तरह की सुरक्षा संबंधित,स्वास्थ्य संबंधित और साथ-साथ दंगे होने अथवा हिंसा होने की आशंका हो तब इस सीआरपीसी की धारा 144 को लागू किया जाता है।

कर्फ्यु को बहुत ही गंभीर स्थिति मे लगाया जाता है जैसे की आतंकवादी हमला होनेपर,महामारी रोकने के लिए और बार-बार किए जानेवाले हमले या दंगे से निपटने के लिए कर्फ्यु लगाया जाता है

लॉकडाउन मे लोगो घरपर रहने की अपील की जाति है

धारा 144 मे एक जगह पर पांच या उससे ज्यादा व्यक्ति नही रुक सकते

कर्फ्यु मे लोगो को घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंधित कर दिया जाता है लोगो घर मे ही रहना पडता है

आवश्यक वस्तुए जैसे की अस्पताल और बाज़ारो को थोडी देर या इसे खुला रखा जाता है,यातायात बंद कर दिया जाता है

धारा 144 मे किसी भी व्यक्ति को हथियार लाने-ले जानेपर प्रतिबंध होता है पुलिस के अलावा और इसमे यातायात पर प्रतिबंध नही होता

कर्फ्यु मे आव्श्यक वस्तुओ के लिए लोगो को कुछ देर तक छुट दी जाती है जिसमे वह बाज़ार जा सकते है लेकिन लोगो को यह सब सुरक्षा कर्मियो की निगरानी मे करना पडता है और अगर उन्हे स्वास्थ्य संबंधित कोई परेशानी होती है तो उन्हे सुरक्षाकर्मियो अथवा प्रशासन से संपर्क करना पडता है अथवा यातायत पर भी पुर्ण रुप से प्रतिबंध लगाया जाता है

लॉकडाउन का उल्लंघन करनेवालो पर कारवाई की जाती है अथवा दंड भी वसुल किया जा सकता है

अगर कोई व्यक्ति धारा 144 का उल्लंघन करता है तो उसपर दंगे भडकाने का या उसमे शामिल होने का मामला दर्ज किया जा सकता है जिसके अंतर्गत 3 साल तक कैद की सजा भी हो सकती है

कर्फ्यु का भी उल्लंघन करनेवाले व्यक्तियो पर मामला दर्ज होता है और इसमे भी कैद की सजा मिल सकती है और यह सब बहुत ही सख्ती से किया जाता है

इसमे आव्श्यक सेवाओ को चालु रखा जाता है और बाकी सभी बंद किए जाते है मार्केट,कॉलेज,दुकाने(सरकारे इसे कुछ समय के लिए भी खोलने का आदेश दे सकती है)

इसमे सभी सेवाए चालु होती है लेकिन अगर सरकार चाहे तो कुछ सेवाए बंद भी कर सकती है

कर्फ्यु मे बहुत ही आवश्यक सेवाए चालु होती है इसके अलावा सभी बंद कर दी जाती है और नागरिको के अधिकार भी खत्म किए जा सकते है



शुट और साइट किसे कहते है और इसकी आज्ञा कब दी जाती है ?


ऊपर दी गई तालिका मे हमने आपको तीनो मे क्या अंतर है यह बताया इन तीनो परिस्थितियो मे अगर सरकार चाहे तो कुछ बदलाव भी कर सकती है और धारा 144 को एक समयतक ही लागु किया जाता है इसे छह महीने से ज्यादा लागु नही किया जा सकता और अब हम आपको शुट और साइट के बारे मे बताएंगे :-

शुट और साइट को तब लागु किया जाता है जब कोई बडा दंगा हो रहा हो और उस दंगे मे लोग हिंसा नही करनी की अपील को नही सुन रहे है और लोगो को घायल करते ही जा रहे है और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए ही जा रहे है तो पुलिस अथवा सुरक्षाकर्मियो को शुट और साइट की आज्ञा दी जा सकती है। इसे और अच्छे से समझने के लिए एक परिस्थिति के बारे मे सोचे जहाँ कोई आंदोलन चल रहा है और वह आंदोलन कुछ लोगो द्वारा किया जा रहा हो और वह आंदोलन कुछ समय बाद हिंसक हो जाता है और आंदोलनकर्ता सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हो और लोगो को घायल या उनपर जानलेवा हमला कर रहे हो अथवा सुरक्षाकर्मियो पर भी हमला किया जा रहा हो तो ऐसे मे पुलिस सबसे पहले आसु गैस और लोगो से अपील करती है की हिंसा न करे और अपने-अपने घर मे रहे लेकिन अगर आंदोलनकर्ता ऐसा न करके हिंसा करते ही जा रहे हो अथवा परिस्थिति और गंभीर होनेपर पुलिस को शुट और साइट का ऑर्डर/आज्ञा दी जाती है जिसमे पुलिस दंगे करनेवाले और हिंसा करनेवाले लोगो पर गोली चलाती है अथवा उन्हे रोकने के लिए उन्हे घायल भी कर सकती है ताकी लोगो को बचाया जा सके और संपत्ति को नुकसान कम हो।


शुक्रवार, 10 जुलाई 2020

हिस्ट्रीशीटर किसे कहते है और एक अपराधी को हिस्ट्रीशीटर कब कहा जाता है ?( WHEN A CRIMINAL CALLED HISTORYSHEETAR - IN HINDI ) - UHP

हिस्ट्रीशीटर किसे कहते है और एक अपराधी को हिस्ट्रीशीटर कब कहा जाता है ?


history sheetar kise kahte hai aur kyaa hai iska matalb

हिस्ट्रीशीटर किसे कहते है ?


आपने कई बार पुलिस को या समाचार मे किसी व्यक्ति को हिस्ट्रीशीटर कहते सुना होगा या आपने कई बार सुना होगा की जब कोई व्यक्ति किसी अपराधी की बात करता है तो उसे हिस्ट्रीशीटर कहता तो आज हम इसी के बारे मे बतानेवाले है, हिस्ट्रीशीटर कि उपाधि सिर्फ और सिर्फ एक कुख्यात अपराधी को ही दि जाती है पुलिस या कोर्ट द्वारा जिसका अर्थ यह होता है उस अपराधी ने बहुत से संगीन अपराध किए है और उसने यह कई बार किया है और उसपर आरोपो का अभी-भी(वर्तमान मे भी) मुकदमा चल रहा हो ऐसे अपराधी बहुत ही उच्च अपराधी की श्रेणी मे आते है और ऐसे अपराधी पुलिस से भागते रहते है और छिपते रहते है ताकी वह पकडे ना जाए तथा कभी-कभी ऐसे अपराधी पुलिस के द्वारा किए गए एनकाउंटर मे भी मारे जाते है।

हिस्ट्रीशीटर कब कहा जाता है ?(HOW YOU ARE MADE A APPLICATION)

कोई भी अपराधी जब 10 या 10 से ज्यादा मामले या अपराध करता है और वह उसमे सीधे तौरपर शामिल होता है तो उस अपराधी को कानूनी प्रक्रिया के अनुसार हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया जाता है और उन्हे उच्च अपराध की श्रेणी मे रखा जाता है और इनपर नजर रखी जाती है।





स्त्रोत :- प्रस्तुत जानकारी "कानून कि रोशनी मे" नामक युटुब चैनल से ली गई है। नीचे दिए गए लिंक से आप इस विडियो तक पहुंच सकते है ।


बुधवार, 8 जुलाई 2020

जानिए ANDROID STUDIO क्या है,कैसे काम करता है हिंदी मे(WHAT IS IT AND HOW IT'S WORK IN HINDI) - UHP

एंड्राईड स्टुडिओ (ANDROID STUDIO) क्या है और यह क्या-क्या कार्य करता है ?



एंड्राईड स्टुडिओ(ANDROID STUDIO) के बारे मे (क्या करता है और कौन-सा कार्य करता है) :-

एंड्राईड स्टुडिओ यह एक सॉफ्टवेअर है जिसमे हम एक एंड्राईड ऐप्लीकेशन या ऐप बना सकते है और उसे हम प्ले स्टोर पर भी रख सकते है जहाँ से बहुत से लोग आपकी ऐप डाउनलोड कर सकेंगे और अपने मोबाईल मे चला सकेंगे। एंड्राईड स्टुडिओ को दिसंबर,2014 मे गुगल द्वारा बनाकर लॉन्च किया गया था और तब से गुगल ने इसमे बहुत से बदलाव किए गए है और इसे एक बहुत ही अच्छा सॉफ्टवेअर बनाने के लिए अभी-भी बदलाव करते है और आप इसे किसी भी लैपटॉप या कम्प्युटर मे इंस्टाल कर सकते है वह चाहे विंडोस,लिनक्स या फिर मॅकओएस हो सभी मे इसका सॉफ्टवेअर डाउनलोड करने लायक है। आप एंड्राईड स्टुडिओ मे अपने मोबाईल फोन,डिजीटल घडी, टिवी,कार मे उपयोग होनेवाले सिस्टम आदि के लिए ऐप बना सकते है और इसके लिए आपको इसे सिखना होगा जिसके लिए आपको नीचे बताई गई वस्तुओ/बातो के बारे मे जानकारी होनी आवश्यक है अथवा इसका ज्ञान होना आवश्यक है।

  • सबसे पहले तो आपको अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना चाहिए( मामूली अंग्रेजी भी चल जाएगी )
  • आपको "जावा" या "कोटलिन" मे से कोई एक भाषा आनी चाहिए क्योकी आपको इनमे से ही किसी एक से एंड्राईड ऐप की कोडिंग करनी है तो आप इसे अच्छे से सीख ले ( यह दोनो कम्प्युटरी भाषाए है )
  • इसके अलावा आपको एंड्राईड मे कौन-से काम के लिए कौन-सा टॅग या कौन-सी पद्धति उपयोग की जाती है इसके बारे मे भी सिखना होगा और इसकी जानकारी आपको एंड्राईड स्टुडिओ के वेबसाईट पर मिल जाएंगी ( यह जानकारी आपको वहाँ अंग्रेजी मे मिलेगी अगर आप इसे हिंदी मे जानना चाहते है तो हमारे वेबसाईट पर देखे )



इस लेख मे दी गई सभी जानकारी ANDROID STUDIO के ऑफिशियल वेबसाईट से ली गई है आप नीचे क्लिक करके उनके ऑफिशियल वेबसाईट पर जा सकते है।

https://developer.android.com/studio/index.html

रविवार, 5 जुलाई 2020

एंड्राइड ऐप्लीकेशन/ANDROID APPLICATION(APP) कैसे बनाए जाते है और आप भी कैसे बना सकते है ? (MAKE YOUR OWN APPLICATION) - UNIQUE HINDI POST

एंड्राईड ऐप्लीकेशन(ANDROID APPLICATION) कैसे बनाते है और क्या आप यह ऐप्लीकेशन बना सकते है ?



एंड्राईड ऐप कैसे बनाते है ?(HOW ANDROID APPLICATION ARE MADE ?)


ऐप्लीकेशन(ऐप) कई प्रकार की होती है जैसे एक गेम(GAME) ऐप्लीकेशन,खाना बनाने की रेसिपी(विधि) का ऐप्लीकेशन आदि प्रकार के ऐप्लीकेशन आपको देखने मिल जाएंगे प्ले स्टोर(PLAY STORE) पर जिसे बह्त से लोग डाउनलोड करते है उपयोग करते है जिसमे कई बार कुछ लोग को यह को जिज्ञासा होती होगी की यह ऐप्लीकेशन कैसे बनता है इसे किस तरह से बनाया जाता है और क्या मै इसे बना सकता हु तो प्रश्न का उत्तर है "हाँ" आप भी एक ऐप्लीकेशन बना सकते है लेकिन इससे पहले आपको यह समझना होगा की ऐप्लीकेशन बनते कैसे है।

तो आइये जानते है ऐप्लीकेशन कैसे बनाए जाते है हम आपको एंड्राईड ऐप्लीकेशन के बारे मे बतानेवाले है जो कि एक एंड्राईड डिवाईस(ANDROID DIVICE) मे काम करता है। एंड्राईड ऐप्लीकेशन को एंड्राईड स्टूडिओ(ANDROID STUDIO) नामक एक सॉफ्टवेअर(SOFTWARE) पर बनाया जाता है जिसे कम्प्युटर(COMPUTER) मे इंस्टाल(INSTALL) किया जाता है और कोडिंग के द्वारा यह बनाया जाता है आप इसे बिना कोडिंग के भी बना सकते है लेकिन वह ऐप्लीकेशन बहुत ज्यादा कार्यरत नही होगी। कोई भी ऐप्लीकेशन को कोडिंग की सहायता से ही बनाया जाता है जहाँ इसमे सभी प्रकार के पेज बनाए जाते है और कोड इस तरह से सेट किए जाते है जैसे की अगर आप कोई भी नई ऐप्लीकेशन पर लॉगिन करते है तो वह लॉगिन कैसे होगा वह लॉगिन पेग कैसे दिखेगा,आपके लॉगिन करने के बाद कौन-सा पेज खुलेगा यह सभी बातो को ध्यान मे रखकर कोड किया जाता है और फिर इसके बाद सब कुछ ठिक से होने के बाद इसका ऐपीके(APK) बनाया जाता है इसका फुल फोर्म(FULL FORM) एंड्राईड पैकेज किट(ANDROID PACKAGE KIT) है जिसे छोटा करके लिखा जाता है और फिर इसे प्ले स्टोर(PLAY STORE) या वेबसाईट(WEBSITE) पर अपलोड(UPLOAD) कर दिया जाता है और वहा से सभी लोग इसे डाउनलोड(DOWNLOAD) कर लेते है। अब हम आगे जानेगे की कैसे आप भी ऐप्लीकेशन बना सकते है।

आप एंड्राईड ऐप्लीकेशन कैसे बना सकते है ?(HOW YOU ARE MADE A APPLICATION)


अगर आप एक एंड्राईड ऐप्लीकेशन बनाना चाहते है तो आपको तो आपको कोडिंग की आवश्यक्ता पडेगी वैसे तो आप बिना कोडिंग के भी बना सकते है लेकिन आप एक बहुत अच्छी तो बहुत सारे कार्य करती हो उस तरह की नही बना पाएंगे लेकिन अगर आप कोडींग से बनाते है तो आप अपने हिसाब से उसमे जो कुछ बनाना या कार्य करवाना चाहते हो वह कर पाएंगे और एक अच्छी सुंदर ऐप बना सकते है इसके लिए आपको "जावा(JAVA)" या "कोटलीन(KOTLIN)" नामक कम्प्युटरी भाषाओ/कोड को सिखना होगा यह इसलिए की एंड्राईड स्टुडिओ जिसमे एंड्राईड ऐप बनाया जाता है वह "जावा(JAVA)" और "कोटलीन(KOTLIN)" भाषा के द्वारा ही कोड करने के लिए कहता है और उसमे इन दोनो भाषाओ/कोड को ही स्वीकार्य किया जाता है। इसलिए आपको यह सिखना होगा इसके बाद आपको एंड्राईड स्टुडिओ इस सॉफ्टवेअर को डाउनलोड करना होगा और इंस्टाल करना होगा इसके आप गुगल पर सिर्फ एंड्राईड स्टुडिओ(ANDROID STUDIO) लिख दे वह आपको इसकी ऑफिशियल(OFFICIAL) वेबसाईट दिखा देगा जिसपर आप क्लिक करके आप इसे डाउनलोड कर ले।

एंड्राईड स्टुडिओ डाउनलोड करते समय ध्यान दे की वह आप उसे कम्प्युटर के हिसाब से डाउनलोड करे जैसे की अगर आप उसे विंडोस(WINDOWS) पर डाउनलोड कर रहे है तो विंडोस(WINDOWS) वाला पैकेज या सॉफ्टवेअर ले अगर मॅकओएस(macOS) मे कर रहे है तो मॅकओएसवाला(macOS) ही डाउनलोड करे और इसकी पहचान करना बहुत आसान है यह बाते वही पर लिखी होती है। एंड्राईड स्टुडिओ बडा सॉफ्टवेअर है यह लगभग 800-900 MB का है लेकिन जब यह इंस्टाल होता है तब इसका आकार बढ जाता है और इसे इंस्टाल करते समय अपना इंटरनेट चालू ही रखे ताकी यह पुरी तरह से डाउनलोड हो जाए यह कुछ समय लेगा और एंड्राईड स्टुडिओ डाउनलोड करने के बाद आप इसे अच्छी तरह से देखे और कौन-सा बटन कहाँपर है और कौन-कौन से फंक्शन(FUNCTION) क्या करते है इसके बारे मे जाने और अब आप एक ऐप बना सकते है।





कुछ अधिक जानकारी(SOME MORE INFORMATION) :- एंड्राईड स्टुडिओ मे ऐप(APP) बनाने के लिए आपको एंड्राईड के बारे जान ले और एंड्राईड स्टूडिओ(ANDROID STUDIO) के भी अपने ही कुछ अलग कोड है आपको वह भी जानना होगा जो की आपको एक उत्तम(BETTER) ऐप बनाने मे सहायता करेंगे और इसके बारे मे जानना आपके लिए बहुत आवश्यक है इसके बिना कही न कही अटक जाएंगे अथवा आपका एंड्राईड ऐप कभी पुरा नही होगा इसकी जानकारी इसकी ऑफिशियल(OFFICIAL) वेबसाईट पर उपलब्ध है लेकिन अगर आपको दिक्कत आती है तो हमने इसे अपनी वेबसाईट पर इसे हमने अच्छे से हिंदी मे समझाया है आप वहाँ से सीख सकते है।

रविवार, 31 मई 2020

ग्राफिक कार्ड क्या होता है और इसके कार्य क्या होते है जाने हिंदी मे (WHAT IS GRAPHIC CARD AND WHAT IS WORKS IN COMPUTER)(IN HINDI)

ग्राफिक कार्ड क्या होता है (WHAT IS GRAPHIC CARD IN COMPUTER)



ग्राफिक कार्ड क्या होता अथवा इसके बारे मे (WHAT IS GRAPHIC CARD AND ABOUT GRAPHIC CARD) -

ग्राफिक कार्ड यह कम्प्युटर मे होता है। ग्राफिक कार्ड को विडियो कार्ड भी कहते है और यह कम्प्युटर मे विडियो कंट्रोलर,ग्राफिक ग्राफिक एडाप्टर,डिस्प्ले एडाप्टर के नाम से उच्चारित किया जाता है। ग्राफिक कार्ड कम्प्युटर के लिए बहुत ही आवश्यक होता है यह आम तौर पर गॅमिंग के लिए होता है,सॉफ्टवेयर बनाने और कम्प्युटर पर अधिक काम करनेवाले इसका उपयोग करते है।

ग्राफिक कार्ड क्या कार्य करता है(WORK OF GRAPHIC CARD IN COMPUTER)

ग्राफिक कार्ड(GRAPHIC CARD) कम्प्युटर मे फोटो(PHOTO,PICTURES),विडियो(VIDEOS) और एनीमेशन(ANIMATION) को कम्प्युटर स्क्रिन(SCREEN,DISPLAY) पर दिखाता है इसे ऐसा करने के लिए सबसे पहले ग्राफिकल डेटा(GRAPHICAL DATA) को सिंगनल(SIGNALS) मे बदल देता है जिससे कम्प्युटर(COMPUTER) उसे समझकर स्क्रीन पर दिखाता है। यह कार्य सीपीयू(CPU) द्वारा संचालित किया जाता है। ग्राफिक कार्ड दो तरह के होते है एक जो की कम्पनी(COMPANY) से ही मदरबोर्ड(MOTHERBOARD) पर लगाया(INTERGRETED GRAPHIC CARD) होता है और दुसरा जिसे आपको बाहर से लगाना(DEDICATED GRAPHIC CARD) होता है।

अब आप सोच रहे होंगे की बाहर से क्यु लगाने की आवश्यकता पडती है इसका उत्तर यह है की आमतौर पर हम या अधिकतर लोग जो कम्प्युटर मे सामान्य कार्य करते है और छोटे-मोटे गेम खेलते है और सामान्य फोटो और विडियो देखते है ऐसे मे कम्पनी द्वारा दिए गए ग्राफिक कार्ड पर यह चीजे चल जाती है लेकिन यदि आप अपने कम्पयुटर पर भारी-भरकम(बडे और भारी-भरकम गेम खेलना,एनिमेशन बनाना आदि) करना शुरु करते है तो कम्पयुटर बंद होना,रुक-रुककर चलना,अटक जाना ऐसी दिक्कते आती है ऐसे मे आपको बाहर से दुसरा और बेहतर श्रेणी का ग्राफिक कार्ड लेना होता है जो ज्यादा भारी-भरकम कार्य करने के लिए सक्षम हो, इससे आप अपने कम्पयुटर मे सॉफ्टवेयर बनाने,गेम बनाने,गेम खेलने का कार्य,विडियो और फोटो एडिटिंग(EDITING) करने का कार्य बहुत ही आसानी से कर पाते है और सीपीयू पर ज्यादा भार नही पडता। अगर कम्पनी ने पहले से ही अच्छा ग्राफिक कार्ड दिया हो तो बाहर से नही लगाए तभी लगाए जब आपको कोई दिक्क्त आती है।

अगर आप लॅपटॉप(LAPTOP) मे आप कार्य करते है और उसमे कम्पनी द्वारा ग्राफिक कार्ड लगाया गया है और आपको दिक्क्ते आ रही है तो आप डेस्क्टॉप(DESKTOP) पर अपना कार्य करे क्योंकी डेस्क्टॉप बहुत अच्छा कार्य करता है और कम भार लेते है। इंटरग्रेटेड ग्राफिक कार्ड(INTERGRETED GRAPHIC CARD) पावर(POWER) कम मात्रा मे लेते है लेकिन उनके कार्य धीरे होता है और वह भारी-भरकम कार्य के लिए नही होते इसलिए डेस्क्टॉप का उपयोग भारी-भरकम कार्य करने के लिए उपयोग करे और उसी मे डेडीकेटेड ग्राफिक कार्ड(DEDICATED GRAPHIC CARD) लगवाये। डेडीकेटेड ग्राफिक कार्ड पावर ज्यादा लेते है लेकिन उनका कार्य बहुत तेज़ अथवा भारी-भरकम कार्य करने के लिए सक्षम होता है।

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